LAW'S VERDICT

विधानसभा पास का दुरुपयोग: यासिन मछली को नहीं मिली हाईकोर्ट से जमानत

 हाईकोर्ट ने कहाआरोप गंभीर, फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेगा आरोपी

जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा में पत्रकारों के लिए जारी पास का दुरुपयोग करने के मामले में आरोपी यासिन अहमद उर्फ मछली को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आरोपों को गंभीर मानते हुए यासिन मछली की जमानत अर्जी खारिज कर दी। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

पत्रकार पास के दुरुपयोग का मामला

मामले के अनुसार 25 जुलाई 2025 को अरेरा हिल्स थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि एक पत्रकार के नाम पर जारी मप्र विधानसभा पास का इस्तेमाल यासिन अहमद उर्फ मछली कर रहा था। यह पास किसी दूसरी कार के लिए जारी किया गया था, जबकि आरोपी उसे अपनी कार के लिए उपयोग कर रहा था।

1 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी

शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने 1 अगस्त 2025 को यासिन अहमद को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी की ओर से जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी।

सरकार की दलील: हिस्ट्रीशीटर है आरोपी

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सी.एम. तिवारी ने अदालत को बताया कि यासिन मछली हिस्ट्रीशीटर है और फर्जी तरीके से विधानसभा पास का इस्तेमाल कर विधानसभा परिसर में प्रवेश करता था। यह गतिविधि मप्र विधानसभा के मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकती थी।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोप सार्वजनिक सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़े हैं। इन्हीं आधारों पर अदालत ने आरोपी को जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया।

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